UPI Change Rule के तहत 25 फरवरी से ट्रांजैक्शन लिमिट और संभावित चार्ज को लेकर नया फैसला लागू हो सकता है। UPI Change Rule लागू होते ही PhonePe, Google Pay, Paytm और अन्य UPI ऐप्स से पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
UPI Change Rule : ट्रांजैक्शन लिमिट में क्या होगा बदलाव?
नई गाइडलाइन के अनुसार UPI Transaction Limit में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। अभी अधिकांश बैंकों में प्रतिदिन ₹1 लाख तक की सीमा तय है, लेकिन UPI Change Rule के बाद अलग-अलग कैटेगरी जैसे अस्पताल, शिक्षा या बड़े व्यापारिक भुगतान के लिए अलग लिमिट लागू की जा सकती है। छोटे ट्रांजैक्शन पहले की तरह आसान रहेंगे, लेकिन हाई-वैल्यू पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सत्यापन जरूरी हो सकता है। इससे फ्रॉड और गलत ट्रांसफर के मामलों में कमी लाने की कोशिश की जा रही है।
UPI Charges Update : क्या लगेगा कोई अतिरिक्त शुल्क?
UPI Charges Update को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल अधिकांश पर्सनल UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगता, लेकिन कुछ विशेष कैटेगरी या मर्चेंट पेमेंट पर नियमों में बदलाव संभव है। UPI Change Rule के तहत यदि कोई चार्ज लागू होता है, तो वह सीधे बैंक या पेमेंट ऐप की शर्तों के अनुसार होगा। यूजर्स को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बैंक और ऐप की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
UPI Security Rule 2026 : सुरक्षा सिस्टम होगा मजबूत
UPI Security Rule 2026 के तहत डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित बनाने की तैयारी की जा रही है। मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, डिवाइस वेरिफिकेशन और रियल-टाइम अलर्ट सिस्टम को अनिवार्य किया जा सकता है। यदि किसी अकाउंट से संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो ट्रांजैक्शन तुरंत रोका जा सकता है। UPI Change Rule का मुख्य उद्देश्य यूजर्स के पैसे को सुरक्षित रखना और साइबर फ्रॉड को कम करना है।
PhonePe, Google Pay और Paytm यूजर्स पर असर
UPI Change Rule का असर सभी प्रमुख ऐप्स पर पड़ेगा। PhonePe, Google Pay और Paytm को नए नियमों के अनुसार अपने सिस्टम अपडेट करने होंगे। यूजर्स को भी ऐप का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल करना जरूरी होगा। बड़ी राशि ट्रांसफर करने से पहले लिमिट और शर्तों की जांच कर लें, ताकि ट्रांजैक्शन फेल न हो।
हर UPI यूजर के लिए जरूरी सलाह
25 फरवरी से पहले अपने बैंक अकाउंट की UPI लिमिट चेक करें और KYC अपडेट रखें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और OTP या UPI PIN साझा न करें। UPI Change Rule लागू होने के बाद नई गाइडलाइन को समझकर ही बड़े ट्रांजैक्शन करें। सही जानकारी और सतर्कता से आप डिजिटल पेमेंट का सुरक्षित और आसान लाभ उठा सकते हैं।